Yes!!! I do remember all those late night parties without drinks and to fly on the terrace without wings. I have memories some are beautiful like a rainbow in the sun and some dark like a lightning storm. Keeping those memories in my heart I want to express every single word But why it looks so weird??? All … More Memories

थम सा गया ये समां ( poem in Hindi)

गुजरे जब उस घर से आज हम ,थम सा गया वो समां बांधी थी पतंगों की कच्ची डोर जहाँ दिख गये टूटे तार वहां। यारो की यारी और बाते जो होती थी प्यारी , खो गयी जैसे कही वो अब खुमारी, सोचते है अब ।। काश रोक पाते उस गुजरे वक्त को , छोटे छोटे … More थम सा गया ये समां ( poem in Hindi)